➤ आरडीजी और जीएसटी प्रतिपूर्ति का जिक्र करते हुए केंद्र और पूर्व सरकार पर निशाना
➤ सरकारी कर्मचारियों की ओपीएस कभी बंद नहीं होगी, कर्मचारियों को दिया भरोसा
➤ नाचन क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल और तीन सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के दियारगी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश को उतना ही वित्तीय सहयोग मिलता जितना पिछली सरकार को मिला था, तो आज प्रदेश कर्ज मुक्त हो सकता था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें 70 हजार करोड़ रुपये मिलते तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति आज काफी मजबूत होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद कर दिया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पिछली भाजपा सरकार को पांच वर्षों में 54 हजार करोड़ रुपये आरडीजी और 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में मिले थे। यदि उस समय वित्तीय अनुशासन रखा जाता तो करीब 30 हजार करोड़ रुपये का कर्ज कम हो सकता था।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने प्रदेश में करीब एक हजार करोड़ रुपये के भवन बना दिए, जो आज खाली पड़े हैं। वर्तमान सरकार को अब तक 17 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में मिले, लेकिन अगले वित्त वर्ष से वह भी बंद हो जाएगा। इसके बावजूद राज्य सरकार ने 14 प्रतिशत डीए जारी किया और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के एरियर का भुगतान किया।
मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) कभी बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल की थी और यह निर्णय कर्मचारियों के हित में लिया गया था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक सरकारी कर्मचारी के बेटे हैं और किसी भी कीमत पर कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाचन क्षेत्र के छातर में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की। साथ ही नाचन के तीन सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर तीन हजार सीबीएसई शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशा तस्करी और चिट्टा कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। इसमें शामिल लोगों की सूची तैयार कर उन्हें जेल भेजा जाएगा और नशा तस्करों की संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपदा के समय भाजपा ने विधानसभा सत्र की मांग तो की, लेकिन जब केंद्र से विशेष राहत पैकेज दिलाने का प्रस्ताव आया, तब भाजपा विधायक नारे लगाते हुए सदन से बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकारों के लिए सभी दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है। निजी अस्पतालों में जिस ऑपरेशन पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होते हैं, वही सुविधा मेडिकल कॉलेज में करीब 50 हजार रुपये में उपलब्ध होगी। इसके अलावा नेरचौक में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 12 करोड़ रुपये दिए गए हैं।



